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झारखंड : कोयला चोरी में योगेंद्र महतो को तीन वर्ष की सजा, विधायकी भी गयी, जानें पूरा मामला

रामगढ़ :गोमिया से झामुमो विधायक योगेंद्र प्रसाद महतो को रामगढ़ की एसडीजेएम आरती माला की अदालत ने कोयला चोरी के आरोप में तीन साल की सजा सुनायी है. इसके अलावा उन पर पांच हजार का जुर्माना भी लगाया है.

एसडीजेएम की अदालत ने रामगढ़ जिले के चितरपुर प्रखंड स्थित मुरुबंदा ग्राम निवासी योगेंद्र प्रसाद महतो के अलावा उनके भाई चित्रगुप्त महतो, गोपाल प्रसाद, चंद्र देव महतो व पंकज कुमार को भी कोयला चोरी में तीन-तीन साल की कैद और पांच-पांच साल की सजा सुनायी है. सजा सुनाये जाने के बाद कोर्ट ने विधायक सहित सभी को ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए जमानत दे दी. चुनाव भी नहीं लड़ पायेंगे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, किसी भी मामले में जनप्रतिनिधियों को दो साल या उससे अधिक की सजा होने पर उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जायेगी.

रामगढ़ की एसडीजेएम की अदालत ने सुनायी सजा

पांच हजार का जुर्माना भी, नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास दो विधायकों की पहले जा चुकी है सदस्यता आजसू के लोहरदगा से विधायक रहे कमल किशोर भगत व राजधनवार से झाविमो विधायक निजामुद्दीन अंसारी की सदस्यता दो वर्ष से अधिक की सजा सुनाये जाने के बाद खत्म हो चुकी है. कमल किशोर को डॉक्टर केके सिन्हा के साथ मारपीट करने का दोषी पाया गया था. निजामुद्दीन को गिरिडीह में प्रदर्शन के दौरान उपद्रव फैलाने को लेकर सजा दी गयी थी. निजामुद्दीन के मामले में सजा की जानकारी विधानसभा को नहीं थी. तथ्य छुपाये गये थे. इस कारण एक वर्ष बाद तक वेतन लेते रहे. इसकी वसूली बाद में की गयी. अब झामुमो के 18 विधायक सजा सुनाये जाने के बाद योगेंद्र महतो की विधानसभा की सदस्यता खत्म हो गयी. सदस्यता जाने के बाद अब विधानसभा में झामुमो के 18 विधायक ही रह गये. सदन में अब 80 विधायक ही रह गये. विधानसभा नहीं पहुंचा पेपर छुट्टी होने के कारण अदालत के फैसले की कॉपी बुधवार को विधानसभा कार्यालय में नहीं पहुंच सकी. इसके गुरुवार को पहुंचने की उम्मीद है. अगले नौ साल तक वह कोई चुनाव नहीं लड़ सकेंगे. क्या है

मामला रजरप्पा थाना क्षेत्र का है. मुरुबंदा में विधायक के भाई चित्रगुप्त महतो की शुभम शिवम हार्ड कोक प्लांट था. पुलिस ने 2010 में छापेमारी कर यहां से अवैध कोयला पकड़ था. विधायक सहित सभी पर फैक्ट्री में अवैध कोयला जमा कर हार्ड कोक बना कारोबार करने का आरोप लगा था. तत्कालीन थाना प्रभारी चंद्रिका प्रसाद ने इस सभी के खिलाफ थाने में मामला (कांड संख्या 53/10) दर्ज कराया था. इन पर धारा 414, 120बी के तहत मामला चल रहा था.