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विधानसभा में तकरार, स्पीकर बोले-सदन नहीं चलने दे रहे हेमंत सोरेन

रांची, जेएनएन। हंगामे के चलते आज झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। सुबह कार्यवाही शुरू होते ही सत्तारूढ़ दल और विपक्षी खेमे के विधायकों ने नारेबाजी की। स्पीकर दिनेश उरांव ने कहा कि हेमंत सोरेन सदन की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे हैं। इस पर नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि स्पीकर एकतरफा सदन चला रहे हैं। स्पीकर पर आरोप के बाद सत्तापक्ष के विधायक उठकर खड़े हो गए और नारेबाजी की। विपक्षी विधायकों ने भी लगाए नारे। इसके चलते कार्यवाही दोपहर तक स्थगित कर दी गई।

इसके बाद फिर से कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर ने कार्यमंत्रणा समिति की बैठक बुलाई है। तीन समितियों का प्रतिवेदन सभा पटल पर रखा गया। भोजनावकाश के बाद दोपहर दो बजे से फिर कार्यवाही शुरू हुई। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। कार्यमंत्रणा समिति में लिए गए फैसले से स्पीकर दिनेश उरांव ने अवगत कराया। कल वोटिंग के बाद मूल बजट पास होगा। सदन 7 दिन पहले अनिश्चित काल के लिए स्थगित होगा।

सात दिन पहले ही स्थगित हो जाएगा विधानसभा का बजट सत्र

झारखंड सरकार के वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट मंगलवार को विधानसभा में पारित होगा और इसी के साथ विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जाएगी। सोमवार को प्रथम पाली के बाद हुई कार्यमंत्रणा समिति में लिए गए इस निर्णय पर सदन ने ध्वनिमत से अपनी मुहर लगा दी है। झारखंड गठन के बाद यह पहला मौका होगा, जब मूल बजट व अन्य विभागों के बजट बगैर किसी चर्चा के गिलोटिन लाकर पास कराए जाएंगे।

सोमवार को पहली पाली के बाद हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में विधानसभा के मौजूदा माहौल पर चर्चा की गई। सदन चलने या न चलने की सदस्यों की जिच के बीच तय किया गया कि बजट की कार्यवाही पूरी कराकर सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाए। दूसरी पाली में सत्र की कार्यवाही पहली बार महज तीन मिनट चलने के बाद जब दूसरी बार 3.08 मिनट पर शुरू हुई तो सत्ताधारी दल के मुख्य सचेतक राधाकृष्ण किशोर ने अध्यक्ष दिनेश उरांव की अनुमति से कार्यमंत्रणा समिति में लिए गए निर्णय से सदन को अवगत कराते हुए इस बाबत प्रस्ताव रखा। विपक्ष ने इसका विरोध भी किया। स्पीकर दिनेश उरांव ने वित्तीय वर्ष 2018-19 की आय व्यय की अनुदान मांगों पर चर्चा, इस पर वाद-विवाद, सरकार के जबाव और मतदान तथा विनियोग विधेयक के लिए 30 जनवरी की तिथि तय करते हुए इस पर मत विभाजन कराया। ध्वनि मत से तय हुआ कि मंगलवार को बजट सत्र का आखिरी कार्यदिवस होगा, इसके बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।

विधेयक पर सदन में बहस होती है। इसके बाद उसे पारित कराने की संसदीय परंपरा है। ऐसा नहीं होने की स्थिति में हाथ उठाकर ध्वनिमत से स्पीकर बजट पारित करा सकते हैं। इसे गिलोटिन कहा जाता है।