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झारखंड : नौकरियों की सौगात लाया वर्ष 2018, तीन माह में 7000 करोड़ के निवेश से हजारों लोगों को मिलेगा

रांची :झारखंड के लिए नया साल नौकरियों की सौगात लेकर आया है. रघुवर दास सरकार की पहल पर निजी कंपनियों में 27,842 लोगों को निजी कंपनियों में रोजगार मिला. स्वामी विवेकानंद की जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) पर 12 जनवरी को निजी कंपनियों द्वारा चुने गये लोगों को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने नियुक्ति पत्र सौंपा. अब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने घोषणा की है कि प्रदेश में दो-तीन महीने में कई परियोजनाएं शुरू की जायेंगी, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा. राज्य में विकास की बयार बहेगी.

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि झारखंड में आगामी दो-तीन महीने में 7,000 करोड़ रुपये तक की योजनाएं शुरू की जायेंगी. ये पैसे राज्य में पाईपलाइन, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, बॉटलिंग प्लांट, टर्मिनल आदि की शुरुआत पर खर्च होंगे. इससे न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि राज्य के औद्योगीकरण में भी मदद मिलेगी. यहां के स्टील प्लांट को गैस की सप्लाई होने पर उच्च गुणवत्ता के स्टील उत्पाद तैयार हो पायेंगे. बड़ी-बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां यहां अपने प्लांट लगा सकेंगी.

ये बातें केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को रांची में कहीं. वह मुख्यमंत्री की मौजूदगी में गैस व तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे. बैठक के दौरान ही उन्होंने कहा कि रांची व जमशेदपुर शहर में पाईपलाइन के माध्यम से घरेलू गैस की आपूर्ति के लिए निर्माण कार्य का शिलान्यास जल्द किया जायेगा. झारखंड में जो योजनाएं शुरू होनेवाली हैं, उनके पूर्ण होने के बाद अगले 25 साल तक झारखंड की आवश्यकताओं की पूर्ति होगी. राज्य में कोयले की अधिकता को देखते हुए यहां कोल से मिथेन गैस बनाने के प्लांट लगाये जायेंगे.

ये बातें केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को रांची में कहीं. वह मुख्यमंत्री की मौजूदगी में गैस व तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे. बैठक के दौरान ही उन्होंने कहा कि रांची व जमशेदपुर शहर में पाईपलाइन के माध्यम से घरेलू गैस की आपूर्ति के लिए निर्माण कार्य का शिलान्यास जल्द किया जायेगा. झारखंड में जो योजनाएं शुरू होनेवाली हैं, उनके पूर्ण होने के बाद अगले 25 साल तक झारखंड की आवश्यकताओं की पूर्ति होगी. राज्य में कोयले की अधिकता को देखते हुए यहां कोल से मिथेन गैस बनाने के प्लांट लगाये जायेंगे.