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देश में नफरत का माहौल, अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में : सिद्धार्थ वरदराजन

धनबाद :देश में आज अभिव्यक्ति कि आजादी खतरे में है. संघ परिवार ने नफरत का माहौल बना दिया है. लेखक, फिल्मकार व पत्रकारों पर दबाव बनाया जा रहा है, उन्हें धमकी दी जा रही है . उक्त बातें ‘द वायर’ के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन ने आज जनवादी लेखक संघ के 9 वें राष्ट्रीय सम्मेलन में कही. उन्होंने सम्मलेन के उदघाटन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया.

उन्होंने कहा आज लेखकों पत्रकारों, फिल्मकारों के समक्ष चुनौती है. इससे निपटने के लिए हम सब डटे रहे हैं. जो लिखना चाहते है लिखिए, जिस विषय पर फ़िल्म बनानी हो बनायें. फेर बदल का अधिकार किसी को न दें. सोशल मीडिया के जरिये संघ परिवार जहर फैलाने का काम कर रहा है आपसी सियासी मतभेदों को दरकिनार कर अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करनेवाले के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ें. अभिव्यक्ति की आजादी सबको होनी चाहिए. उन्होंने कहा भंसाली ने ‘पद्मावत’ फ़िल्म बनायी. हम सबको भंसाली के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए. संघ परिवार का मंसूबा पूरा हुआ तो वो अपने राजनीति में सफल हो जायेगा.

जनवादी लेखक संघ का नौवां राष्ट्रीय सम्मेलन आज धनबाद के टाउन हॉल में शुरू हुआ. इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन 27-28 को किया जा रहा है. इस सम्मेलन में देश भर से 300 लेखक जुटे हैं. इनमें चंचल चौहान, नमिता सिंह, डॉ मृणाल और अली इमाम खान शामिल हैं. झारखंड में जनवादी लेखक संघ के राष्ट्रीय सम्मेलन का यह दूसरा आयोजन है. वर्ष 2007 में भी धनबाद में ही जनवादी लेखक संघ के राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था.