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रांची : आज सीएम करेंगे राजभवन-कांटाटोली स्मार्ट रोड समेत नौ योजनाओं का शिलान्यासरांची : आज सीएम करें

रांची :मुख्यमंत्री रघुवर दास 28 जनवरी को नगर विकास की नौ योजनाओं का शिलान्यास करेंगे. इन योजनाओं की कुल लागत 243.60 करोड़ रुपये है. इसमें राजधानी रांची की दो महत्वपूर्ण योजना राजभवन-कांटाटोली स्मार्ट रोड और इस्लाम नगर आवास योजना भी शामिल है.पुराना बिरसा मुंडा जेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, सांसद रामटहल चौधरी व मेयर आशा लकड़ा मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे.

रांची के इस्लाम नगर में पॉलिटेक्निक की 3.5 एकड़ जमीन पर विस्थापितों के लिए 444 आवास बनाये जायेंगे. इसकी कुल लागत 30.34 करोड़ रुपये है. जुडको द्वारा निकाली गयी निविदा में रॉकडिल इंडिया को आवास निर्माण का काम दिया गया है. यहां पर एक बीएचके के जी प्लस थ्री बिल्डिंग का निर्माण कराया जायेगा. इसमें फायर फाइटिंग व वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा रहेगी. इसके अलावा परिसर में मदरसा व स्कूल भी खोले जायेंगे. 24 माह के अंदर काम पूरा किया जायेगा. इसी प्रकार राजभवन से कांटाटोली पथ के सुदृढ़ीकरण, चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण की योजना है. इसकी लागत 92.99 करोड़ रुपये है. इस पथ की लंबाई 2.88 किमी और चौड़ाई 29 मीटर होगी. पथ के बगल में साइकिल स्टैंड, बस ठहराव, फुटपाथ, अंडर पास व यूटिलिटी कॉरिडोर बनाने की योजना है.

पथ निर्माण का काम 24 माह में पूरा होगा. इसके अलावा देवघर में 4.54 करोड़ की लागत से काली रेखा कुष्ठ आश्रम का निर्माण किया जायेगा. इसमें आठ खंड होंगे और 64 इकाई होगी. प्रत्येक इकाई का क्षेत्रफल 30 वर्ग मीटर होगा. वहीं चास, हजारीबाग व गिरिडीह में सेप्टेज योजना का निर्माण कराया जायेगा. इनकी लागत क्रमश: 39.45 करोड़, 34.78 करोड़ और 25.5 करोड़ रुपये है. बासुकीनाथ में 10.71 करोड़ की लागत से क्यू कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जायेगा. देवघर व मेदिनीनगर में क्रमश: 3.99 करोड़ व 1.75 करोड़ की लागत से शवदाह गृह बनाया जायेगा.

1. राजभवन-कांटाटोली स्मार्ट रोड योजना लागत-92.90 करोड़ निर्माण अवधि-24 माह लंबाई व चौड़ाई-2.88 किमी व 29 मीटर अन्य सुविधाएं : साइकिल स्टैंड, बस पड़ाव,फुटपाथ, अंडर पास 2. इस्लाम नगर में आवास निर्माण योजना लागत-30.34 करोड़ निर्माण अवधि-24 माह आवास-444 इकाई वन बीएचके, प्रति इकाई क्षेत्रफल 30 वर्ग मीटर सुविधाएं : मदरसा व स्कूल 3. काली रेखा कुष्ठ आश्रम, देवघर योजना लागत-4.54 करोड़ निर्माण अवधि-12 माह आठ खंड, 64 इकाई, प्रति इकाई क्षेत्रफल 30 वर्ग मीटर 4. सेप्टेज योजना, चास योजना लगात-39.45 करोड़ निर्माण अवधि-12 माह रख-रखाव व संचालन प्रबंधन : 10 वर्षों के लिए एसटीपी प्लांट 89 केएलडी 5. सेप्टेज योजना, हजारीबाग योजना लागत-34.78 करोड़ निर्माण अवधि-12 माह रख रखाव एवं संचालन प्रबंधन :10 वर्षों के लिए एसटीपी प्लांट 64 केएलडी 6. सेप्टेज योजना, गिरिडीह योजना लागत-25.05 करोड़ निर्माण अवधि-12 माह रख रखाव एवं संचालन प्रबंधन-10 वर्षों के लिए एटीपी प्लांट 53 केएलडी 7. क्यू कॉम्प्लेक्स, बासुकीनाथ योजना लागत-10.71 करोड़ निर्माण अवधि-12 माह महिला व पुरुष क्यू कॉम्प्

स्वच्छता अभियान से कोसों दूर है भुइंया टोली मोहल्ला : वार्ड के क्षेत्र में बड़ा तालाब आता है. इसी तालाब से सटा हुआ एक मोहल्ला है, भुइंया टोली. इस मोहल्ले की नालियों की हालत देख कर लगता ही नहीं कि यहां नगर निगम का कोई कर्मचारी झांकने भी आता होगा. कचरे से पैक नालियों का पानी समय-समय पर सड़क पर आ जाता है. इसके अलावा पुरानी रांची मोहल्ले की सड़कें भी जर्जर हैं. नालियां भी जाम हैं. परिसीमन में वार्ड 24 अब हुआ वार्ड 21 : जिला प्रशासन द्वारा किये गये परिसीमन के कारण वार्ड नंबर बदलकर 24 की जगह 21 हाे गया है. पहले यह वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित था. इस बार इस वार्ड को ओबीसी अन्य किया गया है. वार्ड की आबादी 19316 है. यह है वार्ड की चौहद्दी : उत्तर में हरमू बाइपास रोड में अग्रसेन गली मोड़ से अग्रसेन रोड, सेवा सदन होते हुए बंगला स्कूल रोड मोड़ तक, दक्षिण में मुक्तिधाम से हरमू नदी होते हुए नूर मसजिद चौक से मोती मसजिद के पास नदी के किनारे तक, पूर्व में बड़ा तालाब बंगला स्कूल मोड़ से तालाब के किनारे-किनारे कैपिटल जिमनेजियम, जसवंत सिंह रोड, स्टैंडर्ड लॉज होते हुए मोती मसजिद के पास हरमू

पिछले पांच वर्षों में वार्ड में काफी काम हुए हैं. सड़कें और नालियों का जाल बिछाया गया है. हालांकि, अब भी वार्ड में काम करने के लिए काफी कुछ बचा हुआ है. अगर जनता से दोबारा सपोर्ट मिला, तो बचे हुए कामों को पूरा किया जायेगा. प्रशासन द्वारा बांटने के लिए हमें केवल 100 कंबल दिये जाते हैं, लेकिन हम अपनी राशि लगाकर प्रतिवर्ष 500 कंबल बांटते हैं. वार्ड में कचरे की थोड़ी समस्या है. सबा नाज, पार्षद, वार्ड नंबर 24 दावा : पांच वर्षों में वार्ड में हुए ये काम वार्ड के 26 मोहल्लों में सड़कें और 15 नालियों का निर्माण किया गया. वार्ड में 400 एलइडी लाइट, 15 मिनी एचवाइडीटी व पांच चापाकल लगे. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वार्ड के 80 लोगों को आवास दिया गया. पुरानी रांची में सामुदायिक भवन का निर्माण किया गया. पिछले पांच वर्षों में वार्ड में कई काम हुए हैं, लेकिन वार्ड की जनता जागरूक नहीं है. लोग अब भी खुले में ही कचरा फेंकते हैं. इस वजह से यहां की नालियां जाम रहती हैं. विष्णु कुमार वार्ड में डस्टबिन की कमी है. डस्टबिन नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में खुले में कचरा फेंक देते है