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झारखंड : रिम्स की कमेटी ने जांच करने से किया इनकार...जानें क्‍या है मामला

रांची :रिम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ हेमंत नारायण और डॉ प्रकाश कुमार के बीच हुई मारपीट की जांच अब उच्चस्तरीय टीम करेगी. स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर जांच के लिए बनी रिम्स के डॉक्टरों की टीम ने हाथ खड़े कर दिये हैं. टीम ने मामले की जांच करने से इंकार कर दिया है. रिम्स प्रबंधन को भेजे पत्र में टीम के सदस्यों ने कहा है कि दोनों डॉक्टरों के बीच मारपीट का मामला सार्वजनिक हो चुका है. यह मामला रिम्स प्रबंधन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की जानकारी में भी है. सभी एक ही संस्थान में प्रोफेसर हैं. हो सकता है कि जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठे. ऐसे में रिम्स के ही डॉक्टरों से मामले की जांच कराना उचित नहीं होगा. बेहतर होगा की इसकी जांच रिम्स से बाहर की टीम से करायी जाये.

तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गयी थी : रिम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में डॉ हेमंत नारायण राय व डॉ प्रकाश कुमार के बीच 12 जनवरी को मारपीट हुई थी.

मारपीट का मुख्य कारण फोर्टिस एस्कॉट से आये डाॅ विशाल रस्तोगी को माना जा रहा है. डॉ रस्तोगी रिम्स में एंजियोप्लास्टी में सहयोग करने आये थे. डॉ प्रकाश कुमार ने उन्हें कैथ लैब से बाहर जाने को कहा था. इसके बाद विवाद हो गया था. डॉ हेमंत नारायण व डॉ प्रकाश के बची मारपीट हो गयी. डॉ हेमंत का पैर और डॉ प्रकाश का हाथ टूट गया था. स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी के निर्देश पर रिम्स निदेशक ने डॉ एसएस चाैधरी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की थी. कहा : हम एक ही संस्थान में कार्यरत, हमारी जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर उठेंगे सवाल जांच टीम का पत्र अभी मेरे पास नहीं पहुंचा है. अगर टीम ने उच्चस्तरीय कमेटी से जांच कराने की सिफारिश की होगी, तो स्वास्थ्य विभाग को फाइल भेज दी जायेगी. - डॉ आरके श्रीवास्तव, निदेशक रिम्स