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जानें, पीएम आवास योजना पर कैसे रखी जा रही निगरानी

श्रवण कुमार, धनबाद। प्रधानमंत्री आवास योजना का ‘भुवन एप’ एक ऐसा कवच है, जिससे आवास योजना में धोखाधड़ी करना मुश्किल हो गया है। भुवन एप प्रधानमंत्री आवास योजना की पारदर्शिता के लिए कवच से कम नहीं है। इससे इस योजना में न केवल धोखाधड़ी कम हुई है, बल्कि मॉनीटरिंग में पारदर्शिता आई है। एप के माध्यम से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना पर पल-पल निगरानी रखी जा रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण पर निगरानी रखने के लिए भुवन एचएफए (हाउसिंग फॉर ऑल) एप की मदद ली जा रही है। योजना के लिए चयनित लाभुक का मकान निर्माण शुरू होने से पूरा होने तक भुवन एप द्वारा निगरानी रखी जा रही है। निगरानी इस कदर रखी जा रही है कि किसी के लिए इसमें धोखाधड़ी करना मुश्किल है। भुवन एचएफए एप से चार चरणों में प्रधानमंत्री आवास योजना की निगरानी रखी जाती है। इस एप में जियो टैग की सुविधा है, जिससे आवास का फोटो अपलोड कर प्रधानमंत्री आवास के वेब पोर्टल पर डाला जाता है।

आवास निर्माण का चार चरणों में जियो टैग किया जाता है। फाउंडेशन, लिंटर, रुफ एवं फिनिशिंग स्तर पर मकान के निर्माण की तस्वीर खींचकर प्रधानमंत्री आवास योजना के वेब पोर्टल पर डाला जाता है। चारों स्तर पर जियो टैग होने पर ही लाभुक के बैंक खाते में आवास योजना की राशि भेजी जाती है। जियो टैग नहीं होने पर किसी हालत में राशि नहीं भेजी जा सकती।

जानिए, क्या है भुवन एप

भुवन एचएफए एप इसरो का एक अनुकूल मोबाइल एप्लीकेशन है, जो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की मॉनीटरिंग में सक्षम है।

जानिए, क्या है भुवन एप