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नौकरी दिलाने के नाम पर दारोगा से भी ठग लिए सात लाख

जागरण संवाददाता, रांची। रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने मामले में एक और जानकारी सामने आई है। ठगी के आरोपियों ने लालपुर थाने में पदस्थापित एक दारोगा के बेटे से नौकरी के नाम पर भी सात लाख रुपये की ठगी की गई है। हालांकि उन्होंने खुद ठगी के आरोपी को पकड़ने की लगातार कोशिश की। लेकिन, ठग पकड़ से दूर है। विशाखापत्तनम के छात्रों ने ठगी का मामला सामने आने के बाद दारोगा से ठगी का मामला सामने आया है। इस ठगी मामले में सोमवार को कांके थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। विशाखापत्तनम के अनिल कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने इसकी छानबीन शुरू कर दी है।

अनिल कुमार के अलावा संदीप रेड्डी समेत दर्जनों छात्रों से रांची के राजा मित्र समेत तीन आरोपियों ने की है। राजा मित्र ने छात्रों को कांके बुलाकर करोड़ो रुपये का लेन देन किया था। इसी वजह से आरोपियों के खिलाफ कांके थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

आरोपी स्टील प्लांट में करता था काम

अनिल ने बताया कि वर्ष 2016 में आरोपी राजा मित्र से पहचान हुई थी। वह रांची का रहने वाला है। राजा विशाखापत्तनम के रिक्शा कॉलोनी, पेदगनत्यादा में रहता था। उसके पड़ोस में ही अन्य छात्र भी रहते थे। आरोपी स्टील प्लांट फैक्ट्री में काम करता था। इसी दौरान राजा से मुलाकात हुई और रेलवे में नौकरी दिलाने की बात कह झांसे में ले लिया। छात्रों को रांची स्थित अपना घर भी दिखाया। इसके बाद धीरे-धीरे पैसा लेना शुरू किया। पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर सिर्फ बीस हजार रुपये लिया।

इसके बाद किस्तों में पैसा लेना शुरू किया। रजिस्ट्रेशन के बाद मेडिकल जांच में दो लाख, ट्रेनिंग के नाम पर दो लाख रुपये सभी छात्रों से वसूले गए। इसके बाद सभी को हावड़ा रेलवे स्टेशन में योगदान देने के लिए नियुक्ति पत्र भी दिया था। छात्र जब हावड़ा गए तब उन्हें पता चला कि उनके साथ ठगी की गई है।