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जमशेदपुर : 28 फरवरी को दिल्ली में नेशनल अवार्ड से पुरस्कृत होंगे नेत्रहीन वीरु नाग..जानें इन्‍हें

जमशेदपुर :हौसले बुलंद हो तो बड़े से बड़े तूफान से मुकाबला किया जा सकता है. दृढ़ निश्चय के आगे नि:शक्तता कभी आड़े नहीं आती. इसे साबित किया है शहर के नेत्रहीन वीरु कुमार नाग ने. संगीत की दुनिया में खुद को साबित करने वाले वीरु को 28 फरवरी को दिल्ली में नेशनल इंस्टीच्यूट अोपेन स्कूलिंग(एनआइअोएस) के तहत राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा.

राज्य स्तरीय संगीत प्रतियोगिता में वीरु ने अव्वल स्थान प्राप्त किया है. वीरु ने बताया कि 28 नवंबर को जमशेदपुर में नेशनल इंस्टीच्यूट अोपन स्कूल के सिंगिंग व म्यूजिशियन प्रतियोगिता में उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य स्तरीय इस प्रतियोगिता में अपनी जगह बनायी. 10 फरवरी को रांची में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हुई. जिसमें जमशेदपुर, रांची, धनबाद से करीब 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने के बाद वीरु को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित किया गया.

साथियों के साथ की म्यूजिकल ग्रुप की शुरुआत: वर्ष 2012 में वीरु कुमार नाग अपने दो अन्य दिव्यांग साथी संजीव कुमार, जयदेव चौधरी के साथ तराना म्यूजिकल ग्रुप की शुरुआत की. वर्तमान में इस ग्रुप में 15 कलाकार हैं. तराना म्यूजिकल ग्रुप झारखंड के विभिन्न जगहों पर म्यूजिकल प्रोग्राम कर चुका है. संगीत ही जीवन है : वीरु . वीरू बताते हैं कि आठ साल की उम्र में चेचक से पीड़ित होने के बाद उनकी आंखों की रोशनी चली गयी. नेशनल ब्लाइंड स्कूल में उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की. संगीत से उनका बचपन से जुड़ाव रहा है. अब जीने का आधार बन गया है. वीरू ने बताया कि इतने सारे टैलेंट प्रतिभागियों के बीच उनका संगीत जज को पसंद आया इस बात की उन्हें बेहद खुशी है. वे बताते है कि देश भर में झारखंड की पहचान बनाने का मौका मिला है.

केपीएस की टीचर को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

जमशेदपुर : केरला पब्लिक स्कूल कदमा की जूनियर सेक्शन की प्रिंसिपल के जयश्री को शिक्षा के क्षेत्र में उम्दा प्रदर्शन करने के लिए इस्पायरिंग बेस्ट एजुकेशनिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. दिल्ली में आयोजित 15 वें नेशनल एक्सीलेंस अवार्ड के दौरान एक्सीलेंस इन स्कूल एजुकेशन की कैटेगरी में उन्हें उक्त सम्मान दिया गया. सिक्किम के पूर्व राज्यपाल वाल्मिकी प्रसाद सिंह व सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक पद्म भूषण विंदेश्वर पाठक ने संयुक्त रूप से उक्त सम्मान दिया. शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा, कानून, मेडिकल साइंस, इंजीनियरिंग समेत अलग-अलग सेक्टर में उम्दा कार्य करने वाले कुल 186 लोगों को इसके लिए नॉमिनेट किया गया था. इस सफलता से डायरेक्टर शरत चंद्रन व प्रिंसिपल शर्मिला मुखर्जी ने उत्साह जताया है.

केपीएस की टीचर को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार