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जमशेदपुर : लैंडिंग के वक्त विमान का टायर फटा, बाल-बाल बचे मालिक व पायलट

जमशेदपुर : सोनारी एयरपोर्ट के रनवे पर सोमवार को अलकेमिस्ट एविएशन का ट्रेनिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसमें विमान पर सवार अलकेमिस्ट के मालिक सह सीइओ मृणाल कांति पाल और पायलट कैप्टन एके मोहन बाल-बाल बच गये. उन्हें खरोंच तक नहीं आयी. विमान प्राधिकरण मामले की जांच में जुट गया है. घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनारी एयरपोर्ट स्थित अलकेमिस्ट एविएशन के ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग विमान सेनेका थ्री को लेकर कैप्टन एके मोहन ने शाम करीब चार बजे उड़ान भरी. कंपनी के सीइओ सह मालिक मृणाल कांति पाल भी सवार थे. बताया जाता है कि वापस लौटते वक्त करीब पौने पांच बजे एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम (एटीसीआर) के पास रनवे पर लैंडिंग के वक्त ही टायर फट गया, जिससे विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. तत्काल एयरपोर्ट पर खड़ी अग्निशमन विभाग की दमकलों ने पोजिशन ले लिया. ट्रेनी विमान से दोनों को सकुशल बाहर निकाला गया.

इस घटना के बाद एयरपोर्ट ऑथोरिटी, सोनारी पुलिस, डीएसपी समेत कई अधिकारी पहुंचे और मामले की जांच की गयी. डायरेक्टर जेनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) को भी घटना की जानकारी दी गयी. डीजीसीए की टीम ने तत्काल सारी सामग्रियों को वैसे ही छोड़ देने को कहा है ताकि टीम आकर मामले की जांच कर सके. बताया जाता है कि डीजीसीए की ओर से अब तक अलकेमिस्ट एविएशन को ट्रेनिंग देने की इजाजत नहीं दी गयी है. आवेदन अब तक पेंडिंग है. ऐसे में किन परिस्थितियों में यह उड़ान भरी गयी, इसकी भी जांच की जा रही है. इधर, घटना के संबंध में टाटा स्टील की एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से अब तक किसी तरह की कोई अधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी है.

सांसद केडी सिंह ने शिबू सोरेन के सचिव के पुत्र के हाथों बेचा था अलकेमिस्ट एविएशन

तत्कालीन सांसद केडी सिंह पहले अलकेमिस्ट एविएशन का संचालन करते थे. लेकिन साल 2015 में इसको बेच दिया गया. इसकी खरीद झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के पूर्व निजी सचिव मनोहर पाल के पुत्र मृणाल कांति पाल ने खरीदा था. इसमें सोनारी रोड नंबर इ-वेस्ट ले आउट निवासी मृणाल कांति पाल के साथ नयी दिल्ली के पंचशील पार्क निवासी महावीर प्रसाद रूंगटा और पटना कंकड़बाग स्थित आकांक्षा इंक्लेव निवासी अपूर्व सोनल पार्टनर हैं.

कोई बड़ा हादसा नहीं

यह कोई बड़ा हादसा नहीं है. टायर फटने की घटनाएं होती रहती है. उड़ान एफआइसी व एडीसी के क्लियरेंस के बाद ही भरी गयी थी. हादसा कैसे और किन परिस्थितियों में हुआ, यह जानकारी डीजीसीए जांच से सामने आएगी. मृणाल कांति पाल, सीइओ, अलकेमिस्ट

कोई बड़ा हादसा नहीं