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पारा शिक्षकों के भविष्य के साथ खेल रही है सरकार : नामधारी

मेदिनीनगर पूर्व स्पीकर इंदर सिंह नामधारी ने कहा कि जो पारा शिक्षक 12-15 वर्षों से शिक्षा का अलख जगा रहे हैं. अपनी जवानी खपाकर उनलोगों ने शिक्षा का माहौल बनाने का काम किया है. ऐसे में सरकार को चाहिए कि पारा शिक्षकों की बेहतरी के लिए सोचा जाये. लेकिन झारखंड में उलटी गंगा बह रही है, जिन्होंने शिक्षा का अलख जगाया. उनके भविष्य के साथ ही खिलवाड़ किया जा रहा है.

लेकिन सरकार को यह बात समझ में नहीं आ रही है. विनाशकाले विपरीत बुद्धि के तर्ज पर झारखंड की सरकार चल रही है. पूर्व स्पीकर श्री नामधारी शनिवार को एकीकृत पारा शिक्षक संघ संघर्ष मोरचा के राज्य इकाई के आह्वान पर आहूत धरना कार्यक्रम में बोल रहे थे. इसकी अध्यक्षता सत्यनारायण तिवारी व मनोज कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से की. संचालन दिनेश कुमार शुक्ला ने किया. श्री नामधारी ने कहा कि विद्यालयों को बंद कराने के बजाये सरकार को संसाधन बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए. लेकिन विडंबना यही है कि राज्य में स्थायी सरकार बनने के बाद भी केवल बातें की गयी. धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है.

पांकी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी डॉक्टर शशिभूषण मेहता ने कार्यक्रम में शिरकत कर पारा शिक्षकों के मांगों का समर्थन किया. कहा कि सरकार को सोचना चाहिए. कांग्रेस के शिक्षा विभाग के प्रदेश अध्यक्ष श्यामनारायण सिंह, शिक्षक नेता परशुराम तिवारी, सुधीर कुमार दुबे, अमरेश सिंह, हरिशंकर मिश्रा, विजय कुमार चौबे ने पारा शिक्षकों का मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को इस विषय पर गंभीर होकर सोचने की जरूरत है. धरना में मोबीन अहमद, ऋषिकांत तिवारी, मिथिलेश उपाध्याय, दामोदर चौधरी, हरेंद्र सिंह, श्रीकांत पांडेय, राजेशनंदन सिंह, अनुराग सिंह, विनोद मिश्रा, उपेंद्र मिश्रा, पूनम देवी, साहेब सिंह, दीपक चंद्र, मुकेश पटेल, सुनील सिन्हा, शशिकांत मेहता, उदय राम सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे. मोरचा के नेता प्रदुमन सिंह उर्फ सिंटु सिंह ने आंदोलन के औचित्य पर विस्तार से प्रकाश डाला.

पारा िशक्षकों की मांग पारा शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन की हो व्यवस्था पारा शिक्षक कल्याण कोष का हो गठन पारा शिक्षकों को इपीएफ से जोड़ा जाये टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षकों की शिक्षक पद पर समायोजन कराने व प्रमाण पत्र की वैद्यता बढ़ायी जाये हमारी सरकार बनी, तो पारा शिक्षकों की सेवा स्थायी होगी : त्रिपाठी एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोरचा के धरना में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने भी शिरकत की. मौके पर पूर्व मंत्री श्री त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा की उलटी गिनती शुरू हो गयी है. झारखंड में अगली सरकार कांग्रेस के नेतृत्व में ही बनेगी. क्योंकि जनता भाजपा के असली चाल चरित्र को समझ चुकी है. कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद पारा शिक्षकों की सेवा स्थायी की जायेगी.पूर्व मंत्री श्री त्रिपाठी ने कहा कि राज्य सरकार को पारा शिक्षकों की समस्या पर संवेदनशील होकर सोचने की जरूरत है. यदि सरकार गंभीर नहीं होती है, तो इसे लेकर शुरू किये गये आंदोलन में कांग्रेस भी अपनी सक्रिय भूमिका अदा करेगी.