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गांवों में पदस्थापित डॉक्टरों को 45 हजार अतिरिक्त देगी सरकार

रांची :सूबे के ग्रामीण इलाकों के पीएचसी और एपीएचसी में डॉक्टर नहीं जाते. किसी डॉक्टरों को वहां पदस्थापित किया भी जाता है तो कुछ दिनों बाद वे या तो नौकरी छोड़ देते हैं या ड्यूटी से गायब रहते हैं. इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार अब नया प्रस्ताव तैयार कर रही है. स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने बताया कि अब गांवों में तैनात डॉक्टरों को वेतन के अलावा 45 हजार रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त मानदेय दिया जायेगा, ताकि गांवों में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित हो सके.

हरियाणा की तर्ज पर दिया जायेगा मानदेय :स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एक टीम भेज कर हरियाणा के ग्रामीण इलाकों का अध्ययन कराया गया था. वहां ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले डॉक्टरों को अतिरिक्त राशि दी जाती है. लिहाजा, अब हरियाणा की तर्ज पर ही झारखंड में भी अतिरिक्त मानदेय दिया जायेगा. मंत्री का मानना है कि अधिक पैसा देने पर डॉक्टर अस्पतालों में उपस्थित रहेंगे. इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग गांवों में डाॅक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करेगा.

मिलती है शिकायत, नहीं रहते अस्पतालों में डॉक्टर

गौरतलब है कि राज्य के सारे पीएचसी और एपीएचसी से आये दिन हमेशा यही शिकायत मिलती है कि डॉक्टर वहां नहीं रहते. नर्सों के भरोसे से ही ये अस्पताल चल रहे हैं. यही वजह है कि अब हरियाणा की तर्ज पर अतिरिक्त मानदेय देने का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार किया जा रहा है. विभाग का कहना है कि नये डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए केरल व कर्नाटक में स्थित मेडिकल कॉलेजों से डॉक्टरों का कैंपस सेलेक्शन किया जायेगा. इसके बाद उन्हें गांवों में नियुक्त कर वेतन के साथ अतिरिक्त मानदेय दिया जायेगा.