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एक करोड़ हड़पने के लिए काशीनाथ की हत्या करना चाहता था बलिराम

रांची :जमीन कारोबार में काशीनाथ महतो के एक करोड़ रुपये से अधिक हड़पने के लिए बलिराम साहू ने काशीनाथ महतो की हत्या की साजिश तैयार की थी. इसके तहत उसने शूटर उमेश और वरुण कुमार के साथ मिल कर काशीनाथ की हत्या के लिए सात लाख रुपये में सौदा किया था. इसके बाद उन्हें एडवांस के रूप में एक लाख रुपये, एक पिस्टल, दो देशी कट्टा और गोली उपलब्ध करायी थी.

इस साजिश के तहत बलिराम के सिंगापुर पहुंचने के बाद अपराधियों ने एक फरवरी को काशीनाथ महतो पर अशोक नगर गेट नंबर चार के पास तीन फायरिंग की. इस साजिश में शूटरों के साथ बलिराम साहू का भतीजा राजा साहू भी शामिल था. पुलिस ने राजा साहू और वरुण कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पिस्टल और पांच गोली भी वरुण के हरमू हाउसिंग कॉलोनी स्थित घर से बरामद कर लिया है. यह जानकारी शनिवार को अपने कार्यालय में सिटी एसपी अमन कुमार ने पत्रकारों को दी.

सिटी एसपी ने बताया कि सुपारी की एक लाख की राशि बलि साहू ने वरुण को दी थी. उसने सिर्फ दाे हजार रख कर बाकी पैसे उमेश को दे दिया था. दो देशी कट्टा भी उमेश के पास है. वरुण के अनुसार उमेश ने ही काशीनाथ महतो को तीन गोली मारी थी. शूटरों को हथियार व गोली से लेकर एक लाख रुपये दिये थे एडवांस, पिस्टल व गोली बरामद सिटी एसपी ने बताया कि बलिराम साहू व काशीनाथ महतो एक साथ मिल कर जमीन का काम करते थे. आलम हाता चौक के समीप एक जमीन लेकर बेचने में काशीनाथ ने भी रुपये इंवेस्ट किये थे. इस काम में बलिराम को तीन करोड़ रुपये से अधिक मिले. इसमें एक करोड़ से अधिक हिस्सा काशीनाथ को मिलना था, लेकिन बलिराम उसे सिर्फ 30-35 लाख ही देना चाहता था. इसी रकम को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था. इसी वजह से बलिराम ने पूर्व में काशीनाथ को धमकी दी थी.

इसी रुपये को हड़पने के लिए बलिराम ने काशीनाथ को रास्ते से हटाने की साजिश रची. उसने रांची से जाने से पहले शूटरों को यह निर्देश दिया था कि जब वह दिल्ली से सिंगापुर पहुंच जाये, तब ही काशीनाथ पर फायरिंग करना. उसने घटना को अंजाम देने के बाद शूटरों को फोन पर संपर्क करने से मना किया था. गोली लगने के बाद काशीनाथ की मौत की जानकारी देने के लिए उसने अपने भतीजे राजा को निर्देश दे रखा था. जब काशीनाथ को गोली लगी और उन्हें इलाज के लिए मेडिका ले जाया गया, तब काशीनाथ के बारे में जानकारी लेने के लिए राजा भी अस्पताल के आसपास था.

सिटी एसपी ने बताया कि बलिराम साहू व काशीनाथ महतो एक साथ मिल कर जमीन का काम करते थे. आलम हाता चौक के समीप एक जमीन लेकर बेचने में काशीनाथ ने भी रुपये इंवेस्ट किये थे. इस काम में बलिराम को तीन करोड़ रुपये से अधिक मिले. इसमें एक करोड़ से अधिक हिस्सा काशीनाथ को मिलना था, लेकिन बलिराम उसे सिर्फ 30-35 लाख ही देना चाहता था. इसी रकम को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था. इसी वजह से बलिराम ने पूर्व में काशीनाथ को धमकी दी थी.

इसी रुपये को हड़पने के लिए बलिराम ने काशीनाथ को रास्ते से हटाने की साजिश रची. उसने रांची से जाने से पहले शूटरों को यह निर्देश दिया था कि जब वह दिल्ली से सिंगापुर पहुंच जाये, तब ही काशीनाथ पर फायरिंग करना. उसने घटना को अंजाम देने के बाद शूटरों को फोन पर संपर्क करने से मना किया था. गोली लगने के बाद काशीनाथ की मौत की जानकारी देने के लिए उसने अपने भतीजे राजा को निर्देश दे रखा था. जब काशीनाथ को गोली लगी और उन्हें इलाज के लिए मेडिका ले जाया गया, तब काशीनाथ के बारे में जानकारी लेने के लिए राजा भी अस्पताल के आसपास था.