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झारखंड : गरीब महिलाओं को सरकार देगी नैपकिन बनाने की मशीन, DVC से हटेंगे 6 जिले, विद्युत बोर्ड देगा 2

धनबाद :ख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि मुद्रा योजना के तहत स्लम बस्ती में नैपकिन बनाने के लिए चार लाख रुपये की मशीन महिलाओं को दी जायेगी. यहां बने नैपकिन को स्वास्थ्य विभाग खरीदेगा. इसके बाद स्कूली बच्चियों को बांटा जायेगा. यह बातें श्री दास ने गुरुवार को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित शिलान्यास व उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कही.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संकल्प से सिद्धि मंत्र नये भारत का निर्माण कर रहा है. नये भारत की तरह अब नया धनबाद भी बन रहा है. आजादी के बाद मोदी जी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने डिस्ट्रिक माइनिंग फंड में बदलाव किया है. कोयला, आयरन, पत्थर आदि खनन करनेवाले जिला को 30 प्रतिशत तक रॉयल्टी दी जायेगी. 30 प्रतिशत राशि गांवों के विकास के लिए खर्च किये जायेंगे. इसमें धनबाद, रामगढ़, बोकारो आदि शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कोयले से पूरी दुनिया में रोशनी फैल रही है, लेकिन जिले अंधकार में हैं. हमने तय किया कि रॉयल्टी की राशि का एक रुपया भी दूसरे फंड में डायवर्ट नहीं किया जायेगा. उन्होंने कहा कि सरकार स्थिर होगी, तो विकास होगा. पूरे विकास के लिए कम से कम दस वर्ष जरूरी है.

डीवीसी से हटेंगे छह जिले, विद्युत बोर्ड देगा 24 घंटे बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि धनबाद, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो सहित छह जिले को डीवीसी से अलग कर दिया जायेगा. यहां पर डेढ़ वर्ष के अंदर झारखंड विद्युत बोर्ड 24 घंटे बिजली देगी. 2018 तक चाहे पहाड़ी वाला गांव हो या समतल सभी जगह बिजली पहुंच जायेगी. श्री दास ने कहा कि हमारी कोशिश है कि 2019 कर हर गांव में पक्की सड़क व बिजली पहुंच जाये.

धनबाद. मैं मजबूर नहीं मजबूत सीएम हूं. आज कार्यकर्ताओं की बदौलत ही झारखंड, दिल्ली में भाजपा की सरकार है. अगली बार झारखंड में लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप तथा विधानसभा चुनाव में दो-तिहाई बहुमत लायेंगे. ये बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुरुवार को गोल्फ मैदान में भाजपा के उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडलीय सम्मेलन में कही. कहा कि पहले की सरकारों की तरह रघुवर सरकार मजबूर सरकार नहीं है. पहले नौकरशाह हावी थी.

आज स्थिति बदल चुकी है. मिशन 2019 के लिए कार्यकर्ताओं से अभी से जुट जाने का आह्वान करते हुए कहा कि ईमानदारी से काम करें. सीएम ने कहा कि कार्यकर्ताओं को पार्टी की तरफ से आइकार्ड जारी किया जायेगा. इस कार्ड को लेकर कार्यकर्ता किसी भी सरकारी दफ्तर में सीधे जा सकते हैं. जनता की समस्याओं को लेकर बात करें. प्रशासन को आपकी बात सुननी पड़ेगी.