Yo Diary

झारखंड : प्रस्ताव तैयार , अब हर साल होगा टेट, सितंबर या अक्तूबर में होगी परीक्षा

रांची : राज्य में अब प्रत्येक वर्ष शिक्षक पात्रता परीक्षा होगी. परीक्षा की प्रक्रिया सितंबर या अक्तूबर में शुरू होगी. स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली से शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली को अलग करने का निर्णय लिया है. विभाग ने नये सिरे से शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली का प्रारूप तैयार किया है. शिक्षा के अधिकार अधिनियम के प्रावधान के अनुरूप राज्य में प्रत्येक वर्ष शिक्षक पात्रता परीक्षा होनी चाहिए थी. झारखंड में अब तक मात्र दो शिक्षक पात्रता परीक्षा हुई है. प्रति वर्ष परीक्षा नहीं होने के कारण शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थी कक्षा एक से आठ तक की शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाते हैं.

झारखंड में वर्ष 2011 से शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रभावी है. नयी नियमावली को शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली 2018 के नाम से जाना जायेगा. उल्लेखनीय है कि राज्य में सबसे पहले वर्ष 2012 में शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली बनायी गयी थी. नियमावली में परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम अंक 60% है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति व नि:शक्त अभ्यर्थियों के लिए 52%अंक निर्धारित किया गया है. जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा के अलावा अन्य विषयों के प्रश्न पत्र हिंदी व अंग्रेजी दोनों भाषा में होंगे. प्रश्न बहु-विकल्पीय होंगे. प्रत्येक प्रश्न के लिए एक अंक निर्धारित होगा. बांग्ला व उड़िया के अलावा सभी क्षेत्रीय व जानजातीय भाषा की लिपि देवनागरी होगी. सितंबर या अक्तूबर में होगी परीक्षा एक से पांच के लिए

विषय अंक बाल विकास एवं शिक्षण पद्धति 30 भाषा हिंदी व उर्दू (अंग्रेजी) 30 क्षेत्रीय व जनजातीय भाषा 30 गणित 30 पर्यावरण अध्ययन 30 कक्षा छह से आठ के लिए विषय अंक बाल विकास एवं शिक्षण पद्धति (अनिवार्य ) 30 भाषा हिंदी व उर्दू (अंग्रेजी) 30 क्षेत्रीय व जनजातीय भाषा 30 विज्ञान/समाज अध्ययन/ अन्य 60 अलग-अलग होगी परीक्षा शिक्षक पात्रता परीक्षा कक्षा एक से पांच व छह से आठ के लिए ली जायेगी. परीक्षा झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा या सरकार द्वारा प्राधिकृत संस्था द्वारा ली जायेगी. शुल्क का निर्धारण परीक्षा लेनेवाली संस्था करेगी. कक्षा एक से पांच की परीक्षा के लिए प्रश्न राज्य सरकार द्वारा प्रभावी कक्षा एक से पांच के पाठ्यक्रम के आधार पर होगा. इसका अधिकतम स्तर मैट्रिक का होगा. कक्षा छह से आठ के प्रश्न का अधिकतम स्तर इंटर होगा.

अब तक एक साथ थी नियमावली

राज्य में वर्ष 2012 में नयी शिक्षक पात्रता व प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली बनी थी. दोनों नियमावली एक साथ थी. वर्ष 2012 की शिक्षक नियुक्ति नियमावली में टेट सफल अभ्यर्थियों की सीधी नियुक्ति का प्रावधान किया गया था. सीधी शिक्षक नियुक्ति में जिलों से काफी गड़बड़ी की शिकायत मिली थी, जिसके बाद सरकार ने शिक्षक नियुक्ति के लिए परीक्षा लेने का निर्णय लिया है. इसके लिए प्रारंभिक शिक्षक नियुक्ति नियामवली में भी संशोधन की प्रक्रिया चल रही है.

अब तक एक साथ थी नियमावली