Yo Diary

पीरपैंती-बाराहाट कोल परियोजना : बिहार-झारखंड के एक लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

पीरपैंती-बाराहाट कोल परियोजना में 2020 से शुरू होगा उत्पादन कोल प्रोजेक्ट की जद में होंगे गोड्डा व भागलपुर के एक सौ से अधिक गांव बीसीसीएल करेगा भगैया, पीरपैंती सहित चार खदानों का संचालन गोड्डा : भागलपुर में गंगा किनारे पीरपैंती से लेकर गोड्डा के महगामा तक फैले पीरपैंती-बाराहाट कोयला परियोजना में 2020 से उत्पादन शुरू हो जायेगा. इसके लिए कोयला मंत्रालय ने इस एरिया में चार कोल ब्लॉक का आवंटन बीसीसीएल को दिया है. इस प्रोजेक्ट से बिहार-झारखंड के एक लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. इस इलाके में आर्थिक समृद्धि आयेगी और पलायन रूकेगा.

धनबाद से भी बड़ी होगी पीरपैंती-बाराहाट कोल परियोजना : ललमटिया से लेकर गंगा के कछार छोर होते हुए बिहार- बंगाल व झारखंड को मिला कर यह परियोजना एशिया का सबसे बड़ा कोयला खदान होगा. पीरपैंती-बाराहाट प्रोजेक्ट का क्षेत्र इतना बड़ा है कि यह धनबाद को भी पीछे छोड़ देगा. केंद्रीय एजेंसियों के मुताबिक इस क्षेत्र में 150 साल तक कोयला निकलेगा. इस कोलियरी के शुरू हो जाने के बाद बिहार, झारखंड खासतौर से संताल और बांका, पीरपैंती सहित बिहार के अन्य आसपास के जिले से पलायन रूकेगा. लोगों को उनके क्षेत्र में ही रोजगार मिलेगा.

पीरपैंती-बाराहाट कोल परियोजना में गोड्डा व भागलपुर का हिस्सा शामिल है. इस प्रोजेक्ट का विस्तार भागलपुर के कहलगांव क्षेत्र अंतर्गत मिर्जापुर व मंदार पर्वत से गोड्डा के बुलिया नॉर्थ तक फैला है. इन चारों कोल ब्लॉक का संचालन भारत कोकिंग कोल लिमिटेड करेगा. इसका मुख्यालय मेहरमा का बाराहाट होगा. कोयला मंत्रालय ने क्षेत्र में कोल ब्लॉक आवंटित कर विकास की एक बड़ी लाइन खींच दी है. इस कोल ब्लॉक से क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा. इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी. गोड्डा में कोयले के अपार भंडारण के कारण गोड्डा कोल राजधानी के रूप में विख्यात होगा. क्षेत्र के युवा यहां से रोजगार के लिए पलायन नहीं करेंगे, बल्कि दिल्ली व अन्य प्रदेश से लोग यहां आयेंगे. इसे लिए कोयला मंत्री पीयूष गोयल को धन्यवाद देते हैं. -निशिकांत दुबे, सांसद गोड्डा