Yo Diary

पहली नौकरी की खुशी में खिले हजारों युवाओं के चेहरे

सुबह 11 बजे। खेलगांव के अंदर प्रवेश करते ही अलग-अलग हिस्सों पर युवाओं की लंबी कतार लगी थी। सभी बेकरार थे टाना भगत इंडोर स्टेडियम में जाने को। इनमें रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो के शहरी युवा भी थे तो पलामू, चतरा, गढ़वा, गिरिडीह के सुदूर गांवों से आए नौजवान भी। सभी उत्साह से ओतप्रोत। इनके चेहरे पर खुशी थी इन्हें मिलने वाली पहली नौकरी की। थोड़ी घबराहट भी थी नई नौकरी में मिलने वाले काम की। ये कतारबद्ध होकर स्टेडियम के अलग-अलग बॉक्स में प्रवेश कर रहे थे। वहां नीली, पीली और हरी कुर्सियां इनके लिए सजाई गई थीं।

.जब कम पड़ गई कुर्सियां

उच्च शिक्षा, तकनीकी व कौशल विकास विभाग की ओर से छह हजार बच्चों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। उन्हीं के हिसाब से कुर्सियां भी सजाई गई थीं। लेकिन यहां पहुंचने वाले बच्चो की संख्या उनकी व्यवस्था से कहीं ज्यादा थीं। जब इन्हें बॉक्स में बैठने के लिए कुर्सियां नहीं मिलीं तो ये बिना किसी शर्म और झिझक के फर्श पर ही बैठ गए।

हर जोहार पर हॉल में गूंज रही थी तालियां

वीएलसीसी की प्रमुख वंदना लूथर डायस पर आती हैं, आते ही कहती हैं नमस्कार झारखंड... जोहार झारखंड...पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट और सीटियों से गुंजायमान हो उठता है। पांच मिनट के भाषण में जब अपने जीवन की संक्षिप्त कहानी को पूरा करने के बाद उन्होंने कहा कि हुनर है तो कदर है... इस पर बॉक्स में बैठे युवाओं ने कहा मैडम आपको सलाम है। जब-जब वक्ताओं ने जोहार या जय झारखंड शब्द का उच्चारण किया युवाओं ने इसका जवाब भी उसी उत्साह से दिया।

...और मेरे शानदार झारखंड के युवाओं

बारी आई मशहूर फिल्म निर्देशक सुभाष घई के स्पीच देने की। एंकर ने जैसे ही उनके नाम की घोषणा की हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट होने लगी। युवाओं से प्राप्त इस शानदार स्वागत से गदगद सुभाष घई ने माइक संभालते ही अपने अंदाज में कहा और मेरे शानदार झारखंड के युवाओं ...उनका यह कहना वहां बैठे लोगों में गर्मजोशी दे गया। सीएम की स्पीच पर सबसे ज्यादा तालियां सभी अतिथियों को बोलने के बाद सबसे आखिर में बारी आई सीएम रघुवर दास की। एक हिस्सा भीड़ लगभग हॉल से निकल चुका था। कुर्सियां खाली हो चुकी थीं, लेकिन गर्मजोशी का तापमान सीएम के भाषण के दौरान शिखर पर था। सीएम की हर घोषणा पर युवा सीटी और ताली बजा रहे थे।

...और मेरे शानदार झारखंड के युवाओं

कार्यक्रम समाप्त हो चुका था। सभी नेता अपना भाषण दे चुके थे। राज्य के मुखिया यहां पहुंचे अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर रहे थे तभी एंकर माइक पर आए और कहा हवा में लहरा दीजिए अपना ऑफर लेटर और जाहिर कर दीजिए अपनी खुशी। एंकर के इतना कहना कि हॉल के हर कोने में नीले रंग की फाइल लहरा रही थी और खुशी के इस मोड़ के साथ समाप्त हुआ झारखंड का पहला स्किल समिट 2018।