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झारखंड: मुख्यमंत्री बोले- 32 हजार गांवों में मार्च तक विकास समिति का गठन

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के 32 हजार गांव में मार्च 2018 तक विकास समिति का गठन किया जाएगा। राम कृष्ण मिशन आश्रम रांची, खूंटी एवं रामगढ़ जिले के चिन्हित 120 गांवों में विकास समिति गठन करने का काम करेगी। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा पेश 2018-19 का बजट गांव गरीब और किसानों के समग्र विकास पर ज्यादा केंद्रित है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत और समृद्धशाली बनाकर ही राज्य और देश को विकसित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री शुक्रवार को रांची जिले के गेतलसूद में आयोजित 40वां केंद्रीय श्रीरामकृष्ण किसान मेला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मेले में लगे स्टॉलों का मुआयना भी किया।

स्वामी विवेकानंद युनिवर्सिटी की स्थापना होगी-

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 तक राज्य के सभी लोगों के चेहरे में मुस्कान लाना ही सरकार का लक्ष्य है। देश के सभी किसानों की आमदनी दोगुनी करनी है। रामकृष्ण मिशन आश्रम जैसे संस्थान कृषि के क्षेत्र में क्रांति ला सकेंगी। रामकृष्ण मिशन का काम काफी सरहानीय है। आने वाले कैबिनेट की बैठक में राज्य में स्वामी विवेकानंद युनिवर्सिटी की स्थापना हेतु प्रस्ताव का अनुमोदन किया जाएगा।

योजनाओं के बारे में दी जानकारी-

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव, गरीब और किसान के विकास के लिए प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं को सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए जोहार योजना चलाई जा रही है। इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए बजट में 1500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जोहार योजना के तहत सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली युवतियों को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ने का काम किया जा रहा है। सरकार द्वारा पशुपालन के क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं को चार लाख रूपये तक का ऋण प्राप्त होगा। साथ ही इन महिलाओं के उत्पादों को सरकार बाजार भी मुहैया कराएगी।

लाह और तसर में रोजगार-

रघुवर दास ने कहा कि देश का लगभग 40 प्रतिशत लाह का उत्पादन झारखंड में ही होता है। लाह और तसर उद्योग के क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर हैं। सरकार ने लाह बोर्ड का भी गठन किया है। सरकार द्वारा लघु उद्योग बोर्ड के माध्यम से किसानों द्वारा उत्पादित लाह को खरीदा जाएगा। सरकार ने महिलाओं को सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए 50 लाख से नीचे की सम्पत्ति की रजिस्ट्री में मात्र एक रूपये फीस का प्रावधान रखा है। बेटियों के लिए तेजस्वनी योजना भी राज्य में प्रारंभ की गई है। 500 करोड़ के बजट वाली इस योजना के तहत बेटियों को प्रशिक्षित कर उन्हें वस्त्र उद्योग, तसर उद्योग, हैंडीक्राफ्ट इत्यादि के क्षेत्र में रोजगार से जोड़ा जा रहा है। किसान आधुनिक खेती पर जोर दें। मधु उत्पाद के क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर सृजित होंगे। रामकृष्ण मिशन आश्रम संस्थान द्वारा आदिवासी एवं गैर आदिवासी सभी तरह के लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

लाह और तसर में रोजगार-

कृषि मंत्री श्री रणधीर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध प्रयास किया है। किसानों को अब कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन एवं पशुपालन के लिए भी ऋण उपलब्ध करायी जाएगी। सरकारी योजनाओं का लाभ किसान अवश्य लें। कार्यक्रम में स्वागत संबोधन में रामकृष्ण मिशन आश्रम के स्वामी भवेषानन्द महाराज ने संस्थान द्वारा किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। इस मौके पर खिजरी विधायक राम कुमार पाहन, मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अविनाश कुमार, कृषि सचिव पूजा सिंघल, रामकृष्ण मिशन आश्रम के अन्य स्वामी सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण लोग उपस्थित थे।