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झारखंड के जामताड़ा में बैंक ऑफ बड़ौदा से 59 लाख की लूट

जागरण संवाददाता, जामताड़ा।झारखंड के जामताड़ा जिले में बैंक ऑफ बड़ौदा की मिहिजाम शाखा से शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे चार अपराधियों ने 59 लाख रुपये लूट लिए। मिहिजाम रेलवे स्टेशन के समीप मुख्य मार्ग पर स्थित इस बैंक के खुलते ही पिस्टल से लैस अपराधी अंदर घुस आए और वारदात को अंजाम देकर आराम से निकल गए। लुटेरों के जाने के बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जानकारी मिलते ही डीआइजी अखिलेश कुमार झा व एसपी जया राय भी पहुंचे। डीआइजी ने बताया कि बैंक की इस शाखा में 69 लाख रुपये थे। अपराधियों ने 10 लाख के सिक्के छोड़ दिए।

झारखंड के जामताड़ा जिले में बैंक ऑफ बड़ौदा की मिहिजाम शाखा से शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे चार अपराधियों ने 59 लाख रुपये लूट लिए। मिहिजाम रेलवे स्टेशन के समीप मुख्य मार्ग पर स्थित इस बैंक के खुलते ही पिस्टल से लैस अपराधी अंदर घुस आए और वारदात को अंजाम देकर आराम से निकल गए। लुटेरों के जाने के बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। जानकारी मिलते ही डीआइजी अखिलेश कुमार झा व एसपी जया राय भी पहुंचे। डीआइजी ने बताया कि बैंक की इस शाखा में 69 लाख रुपये थे। अपराधियों ने 10 लाख के सिक्के छोड़ दिए।

इधर, पुलिस ने अपराधियों की तलाश में झारखंड-पश्चिम बंगाल की सीमा पर वाहन जांच अभियान शुरू कर दिया। श्वान दस्ता भी जांच में जुट गया। मगर, लुटेरों का कोई सुराग नहीं मिला। डीआइजी ने बताया कि अब तक की जांच में बैंक प्रबंधन की आंतरिक खामियां उजागर हुई हैं। लूटकांड की गहन जांच के लिए एसडीपीओ व डीएसपी मुख्यालय के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई है। वारदात के वक्त रोकड़पाल व एक चपरासी अंदर था। बैंक प्रबंधक और सुरक्षा कर्मी नहीं थे।

बैंक के चपरासी बादल कुमार ने बताया कि वह रोज की तरह सुबह लगभग 9:30 बैंक पहंचा। पौने दस बजे रोकड़पाल सुगम कुमार एक्का पहुंचे। वह बैंक की सफाई कर रहा था, इसी बीच चार युवक बैंक के अंदर आ गए। सभी के हाथ में रिवाल्वर थे। अपराधियों ने दोनों को कब्जे में लेकर पिटाई शुरू कर दी। रोकड़पाल से चाबी छीन ली गई। रिवाल्वर तानकर एक अपराधी ने दोनों को बाथरूम की तरफ रखा। फिर 15-20 मिनट में ही बैग में रुपये भरकर चारों अपराधी फरार हो गए। चपरासी ने बताया कि सभी अपराधी हिंदी में आपस में बातचीत कर रहे थे। सभी का चेहरा खुला था। उनकी उम्र 25-30 के लगभग थी।

डीआइजी एके झा ने कहा कि बैंक में कुल 69 लाख रुपये थे, जिसमें से चार अपराधियों ने 59 लाख रुपये लूट लिए। 10 लाख के सिक्का बैंक में ही छोड़ दिए। अब तक की जांच में बैंक प्रबंधन की आंतरिक खामियां भी सामने आई हैं।

बैंक में सीमा से दस गुनी अधिक राशि रखी गई थी। कोई सुरक्षा कर्मी भी नही था। पूरी घटना की जांच के लिए एसडीपीओ व डीएसपी मुख्यालय के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया है। घटना के समय रोकड़पाल व एक चपरासी अंदर था। डीआइजी ने बताया बैंक प्रबंधक घटना के समय नहीं था। घटना की जांच गंभीरता से की जा रही है। शीघ्र ही परिणाम सामने आएगा। अपराधियों के सुराग के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। गौरतलब है कि मिहिजाम में अब तक बैंक डकैती नहीं हुई थी। यह लूट सबसे बड़ी है। 9 मार्च, 1974 में बंगाल के चितरंजन में एसबीआइ बैंक में 19 लाख रुपये की लूट हुई थी।