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गेहूं की कीमतों में आ सकती है गिरावट, जानें क्या है वजह

नई दिल्ली:अगले एक महीने तक हाजिर बाजार में गेहूं की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है. उसके बाद धीरे-धीरे इसकी कीमतों में नरमी आएगी. दरअसल, इस साल गेहूं की फसल अच्छी रहने की संभावना है. इसके अलावा पिछले साल का भी अच्छा स्टॉक बचा है. इसमें कीमतों में नरमी आ सकती है. कारोबारियों के अनुसार, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान में गेहूं की कटाई फरवरी के मध्य से शुरू होगी, जिससे बाजार पर दबाव पड़ेगा.

शुक्रवार को कमोडिटी एक्सचेंज एनसीडीईएक्स पर गेहूं का फरवरी वायदा भाव 3 फसदी गिरकर 2,032 रुपये प्रति क्विंटल पर था. एक वैश्विक ट्रेडिंग कंपनी के एक कार्यकारी ने कहा कि मौजूदा कीमतें अधिक हैं. उनका कहना है, “फरवरी से, जब नई फसल आने लगेगी, तो गेहूं की कीमतें घट जाएंगी. हालांकि, हमें यह देखना होगा कि क्या राज्य सरकारें 2019 में आम चुनाव के लिए बोनस देने की घोषणा करती हैं, और क्या सरकारी खरीद ज्यादा रहती है. ”

विश्लेषकों ने कहा कि गेहूं की अधिक पैदावार और अच्छे मौसम को देखते हुए पिछले वर्ष की तुलना में अधिक उत्पादन की उम्मीद है, जो मौजूदा कीमतों को सपोर्ट नहीं करेगा.

एंजेल कमोडिटी के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट (कमोडिटी एवं करेंसी) अनुज गुप्ता का कहना है, “पिछले साल के 9. 97 करोड़ टन के उत्पादन से इस वर्ष भारत में गेहूं की फसल में 10 फीसदी की वृद्धि होने की उम्मीद है. फरवरी अनुबंध और हाजिर बाजार में गेहूं की कीमतें अनुकूल मौसम और अपेक्षित बंपर फसल के कारण दबाव में रहने की संभावना है. ”

एक सरकारी एजेंसी के पास भारतीय खाद्य निगम के देश में 2.5 करोड़ टन के करीब अनाज रखने का अनुमान है. इससे भी छोटी अवधि में कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है. जुलाई में, सरकार ने ओपन मार्केट सेल स्कीम के तहत अपना गेहूं स्टॉक 1,875 रुपये प्रति क्विंटल के भाव और बेचा था और अब यह यह 1,950 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है.

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