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सरसों में तेजी, क्या बन रहे हैं कमाई के मौके?

नई दिल्ली.सरसों में तेजी देखने को मिल रही है. कमोडिटी एक्सचेंज NCDEX पर सरसों 28 रुपये या 0.71 फीसदी तेजी के साथ 3963 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर पहुंच गया है. इसी तरह से फरवरी कॉन्ट्रैक्ट का भाव 29 रुपये या 0.74 फीसदी 3926 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास कारोबार कर रहा है. आइए जानते हैं निकट भविष्य में सरसों के भाव के बारे में क्या कहते हैं विशेषज्ञ.

एंजेल कमोडिटीज में कमोडिटी एवं करेंसी विभाग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता के मुताबिक, पाला पड़ने से हरियाणा और पंजाब में सरसों की तैयार फसल को नुकसान पहुंचने का अनुमान है. इसके चलते वायदा में भाव फिर से 4000 रुपये के पार जा सकता है. अनुज की सलाह है कि NCDEX पर फरवरी वायदा में 3910 रुपये के भाव पर खरीदारी करनी चाहिए. 3830 रुपये का स्टॉपलॉस रखते हुए 4100 रुपये का लक्ष्य रखना चाहिए. अनुज की यह कारोबारी रणनीति (लक्ष्य) अगले 10-12 कारोबारी सत्रों के लिए है. रेलीगेयर सिक्योरटीज के सीनियर रिसर्च मैनेजर अभिजीत बनर्जी का कहना है कि चीन ने भारत से सरसों मील (खली) आयात की अनुमति दी है. राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सरसों की बुवाई की अच्छी रही है. इससे हाल ही में सरसों की कीमतों पर दबाव भी देखने को मिला था. लेकिन अब पाला पड़ने से माना जा रहा है कि उत्पादन में कमी आ सकती है. सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन एंड ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड (सीओयूआईटी) के संशोधित अनुमान के मुताबिक, 2017-18 (जुलाई-जून) में सरसों का उत्पादन 71 लाख टन रहा है, जो पिछले साल 69 लाख टन रहा था.

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (SEA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल 6 लाख टन सरसों खली का निर्यात किया गया. सरसों खली का सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट मांग दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और वियतनाम से आती है. इन देशों में सरसों खली का निर्यात देश के कुल सरसों खली के निर्यात का करीब 87 फीसदी है.

कोरिया को सरसों खली का निर्यात 2018-19 में लगभग 77 फीसदी बढ़कर 2.8 लाख टन पर पहुंच गया, जबकि थाईलैंड में निर्यात इसी अवधि में तीन गुना बढ़कर 1.5 लाख टन हो गया. ज्यादा घरेलू उत्पादन के कारण 2018-19 सीजन में सरसों खली की कम कीमतों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय सरसों मील की मांग बढ़ी है.

कोरिया और थाईलैंड से निर्यात मांग में सुधार और किसानों और तेल मिलों के साथ पास कम स्टॉक को देखते हए इस साल सरसों की कीमतों में तेजी का अनुमान है.