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घट सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, डेढ़ साल में पहली बार 50 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आया क्रूड

नयी दिल्ली : इन दिनों लगातार क्रूड ऑयल के दाम में गिरावट देखी जा रही है. लंदन में जुलाई 2017 के बाद पहली बार कच्चे तेल की कीमत 50 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गयी है. दुनिया भर के फाइनेंशिल मार्केट में जारी उतार-चढ़ाव के कारण यह संभव हुआ है. ईरान पर अमेरिकी पाबंदियों के एलान के मद्देनजर इस वर्ष अक्तूबर महीने में कच्चे तेल की कीमतें बीते चार वर्षों के सर्वोच्च स्तर पर चली गयी थी.

बुधवार को फ्यूचर मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 1.1 फीसदी गिर गयी. सोमवार को इसमें 6.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी थी. रुस के एनर्जी मिनिस्टर अलेक्जेंडर नोवाक ने निवेशकों से कहा कि ओपेक और इसके सहयोगी देशों के बीच तेल उत्पादन में कटौती को लेकर बनी सहमति की वजह से 2019 की पहली छमाही में ऑयल मार्केट में स्थिरता आयेगी. उन्होंने कहा कि अगर हालात बदले तो तेल उत्पादक देश उचित कदम उठायेंगे.

घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम

क्रूड में गिरावट की वजह से देश भर में पेट्रोल और डीजल के दाम भी तेजी से कम हुए हैं. अक्तूबर के पहले हफ्ते तक जहां देश में पेट्रोल 90 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया था, वहीं अब यह 70 रुपये प्रति लीटर से नीचे बिक रहा है. एक्सपर्ट के मुताबिक, क्रूड में गिरावट से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी आ सकती है और पेट्रोल 65 रुपये प्रति लीटर तक आ सकता है.

क्यों आ रही है क्रूड में गिरावट

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ओवर सप्लाइ की स्थिति में है, जबकि इकॉनोमिक स्लोडाउन के चलते डिमांड नहीं आ रही है. ओपेक देशों ने प्रोडक्शन कट करने का फैसला किया है, लेकिन यह जनवरी अंत से ही लागू हो पायेगा. दूसरी ओर अमेरिका प्रोडक्शन घटाने के मूड में नहीं है, रुस की ओर से भी प्रोडक्शन बढ़ा है, लीबिया में नया ऑयल फील्ड खुला है.

क्यों आ रही है क्रूड में गिरावट